Considerations To Know About court
* कारोबार में लाभ और नौकरी में प्रमोशन दिलाती हैं।* हर रोज कोई न कोई नई मुसीबत खड़ी होती हो तो काली इस तरह की घटनाएं भी रोक देती हैं।
पूजा के लिए एक स्वच्छ और शांत स्थान चुनें। वहां गंगाजल का छिड़काव करके स्थान को पवित्र करें।
जीवन में आने वाले संकट और बाधाएं दूर होती हैं।
यह पूरे विश्व में लोगों के लिए नुकसान देने वाला हो सकता है. भगवती की विदाई मुर्गे पर होगी, जो भी अच्छा नहीं माना जाता. यह लड़ाई और डर पैदा करने वाला संकेत देता है.
इस दौरान क्या करना चाहिए, क्या नहीं पूजा विधि क्या है, जानते हैं सब डिटेल में.
गुप्त नवरात्रि अंतिम दिन दुर्गा पूजा के बाद घट विसर्जन करें।
जीवनरक्षक मां काली : माता काली की पूजा या भक्ति करने वालों को माता सभी तरह से निर्भीक और click here सुखी बना देती हैं। वे अपने भक्तों को सभी तरह की परेशानियों से बचाती हैं।
In line with Eradicating Black Magic, using this type of sadhana, the seeker can shield himself and his family from evil eyes, tantric road blocks, misfortune, and enemy defects. The sadhana of such 9 days purifies the soul, cuts off previous sins and karmic bonds, and prospects the person to new auspicious prospects in life.
कलश स्थापना कब होगी, भगवती की विदाई किस दिन है? जानते हैं एक्सपर्ट से.
चार वीर भैरों चौरासी, चार बत्ती पूजूं पान ए मिठाई,
मां दुर्गा की प्रतिमा को लाल रंग के वस्त्र में सजाएं।
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कलश में गंगाजल भरें और उसमें थोड़ा सा गंगाजल, चंदन, और दूर्वा डालें।
फिर कलश को लाल कपड़े से लपेटें और कलावा के माध्यम से उसे बांधें।